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Saturday, December 13, 2025

अदृश्य टोकरी 64

एक अदृश्य टोकरी में

बेतरतीब सी पड़ी है

कुछ चीजें नायाब।

कुछ बेआवाज शब्द।

कुछ बीते हुए लम्हे

थोड़े बहुत अश्क।

थोड़ी सी निराशाएं

और कुछ आशाएं।

कुछ टूटी हुई नींदें

आधे -अधूरे ख्वाब।

एक अदृश्य टोकरी में

बेतरतीब से पड़ी हैं

कुछ चीजें नायाब।

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