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Saturday, May 14, 2022

बचपन : बातें हुईं पुरानी

 बातें हुईं पुरानी 

परियों की वो कहानी

कभी सुनाये नाना 

कभी सुनाये नानी।

परियों की वो ....

बातें हुईं .......


क्या सुन्दर बचपन था 

कितना भोलापन था।

चिंता नही कोई भी

वो भी क्या जीवन था।

कभी खेलते धूल मे 

और खेलते पानी

बातें हुई पुरानी .......


कोई सिखाता हमको

देखो ये मत करना 

कोई सिखाता हमको

देखो वो मत करना।

पर हम कुछ ना सुनते

करते बस मनमानी।

बातें हुईं पुरानी....


दिन थे वो बचपन के 

बातें थीं बचपन की

चिंता नही थी कोई

तन मन और ना धन की।

दिन भर धमाचौकड़ी 

और करते शैतानी।

बातें हुईं पुरानी.....


सही-गलत का भी तो 

हमे ज्यादा ज्ञान नही था।

समझाये कोई हमको

ये भी आसान नही था।

कभी कभी तो जानबूझ कर

करते हम नादानी।

बातें हुईं पुरानी.......

Monday, May 9, 2022

कह दो मुझसे प्यार नही है।

 दिल ने दिल की बात कही है।

सच ही है वो झूठ नही है।

गर तुमको इकरार नही है।

कह दो मुझसे प्यार नही है।


याद मे तेरे अक्सर ही

दिल खोया खोया रह्ता है।

तुमसे मिलने की खातिर 

नित ख्वाब सँजोया करता है।

दिल की दुनिया के बसने का

गर कोई आसार नही है।

कह दो मुझसे प्यार नही है।


जो भी कहता हूं मै तुमसे

सब सच ही तो कहता हूं।

फिर तेरी खामोशी का मै

दर्द भला क्यूं सहता हूं।

मेरी सच्ची बातों पर 

गर तुमको ऐतबार नही है।

कह दो मुझसे प्यार नही है।


नाम तुम्हारा लेता हूं जब मै

तुम बस सुनते रहते हो।

मन ही मन मे जाने क्या तुम

धागे बुनते रहते हो।

मेरे कदमों का गर तुमको

थोड़ा भी इन्तजार नही है।

कह दो मुझसे प्यार नही है।