ENJOY READING, GO IN DREAMS


Friday, July 3, 2020

नया सवेरा


सुप्रभात ये दुनिया वालों
उठो हो गया नया सवेरा ,
स्याह रात ने दामन छोड़ा
 उजियारे ने है आ घेरा।
                आओ इस उजियारे में हम
                गीत नया कोई गाते हैं ,
                अपने साथ औरों के भी
                नव जीवन को महकाते हैं।
रात के सपने ख़त्म हुए सब
भूल गए कुछ याद नहीं ,
कर्म करें फिर सपने देखें
वो तो सच हो जाते हैं।
                आओ अब इस नए दिवस में
                कुछ हम भी अच्छे काम करें ,
                सब भूल चूक अच्छा या बुरा
                इन सबको आज भुलाते हैं।
फिर आएगी शाम सुहानी
पकड़े स्याह रात का दामन ,
पूरे दिन की भाग दौड़ से
हम भी कुछ थम जाते हैं।
                  रात अँधेरी आ ही गयी अब
                  लोभ लिए मीठे सपनो का ,
                  उन मीठे सपनों के लोभ में
                  हम भी चलो सो जाते हैं।
                  हम भी चलो सो जाते हैं।