झन्झावात भरी दुनिया मे
जीवन भर कौन जीता है।
अपना दर्द भुलाकर यहां
औरों के जख्म कौन सीता है।
मानवता का पतन हो रहा
इस झूठेपन की दुनिया मे
झूठ का ही बोलबाला है
सच का जहर कौन पीता है।
ENJOY READING, GO IN DREAMS
झन्झावात भरी दुनिया मे
जीवन भर कौन जीता है।
अपना दर्द भुलाकर यहां
औरों के जख्म कौन सीता है।
मानवता का पतन हो रहा
इस झूठेपन की दुनिया मे
झूठ का ही बोलबाला है
सच का जहर कौन पीता है।
युद्ध नहीं लड़ना मुझको
ना मैं कोई महारथी।
मन मेरा एक रथ समान
जिस पर सवार हैं शब्द मेरे।
शब्द मेरे यात्रा पर हैं;
मैं शब्दों का सारथी।
युद्ध नहीं लड़ना मुझको
ना मैं कोई महारथी।
छोटू बाबू हुए बड़े।
चल लेते हैं खड़े खड़े।
पहिए वाले घोड़े पर
घूम रहे हैं चढ़े चढ़े।
दिन भर करते शैतानी
कुच्छू नाही पढ़े पढ़े।
चाहे वो कुछ भी बोलें
रहते उस पर अड़े अड़े।
छोटी छोटी बातों पर
रहते सबसे लड़े लड़े।
मम्मी ने डांटा उनको
आज सबेरे कड़े कड़े।
देख के मम्मी का गुस्सा
सिसक रहे हैं पड़े पड़े।
मम्मी अब पुचकार रहीं
देख के आंसू घड़े घड़े।
रह जाए ना तेरी मेरी प्रीत अधूरी।
रुक जाओ तुम सुन लो मेरी बातें पूरी।
राह ताकता रहता हूं हर बार तुम्हारा।
स्वप्नों पर भी अब तो है अधिकार तुम्हारा।
मध्य दिलों के रखो ना इतनी भी दूरी।
रह जाए ना तेरी मेरी प्रीत अधूरी।
किस्मत में बस यही लिखा था
कुछ मत बोलो सिर्फ सुनो।
करना कुछ भी नही है तुमको
मन ही मन बस ख्वाब बुनो।
आज की नारी है सशक्त
उसने सब कुछ है बदल दिया।
सारे भ्रम को तोड़ के उसने
खुद को अब है सबल किया।
खुद पर कर विश्वास किया है
पूरा अपने ख्वाबों को।
दुनिया देख रही है उनके
प्रश्नों और जवाबों को।