शब्दों अर्थों के सहारे ही
दिल का मेरे आभास हो तुम।
बस इतना लिखता हूं मै तुम्हे
कि मेरे लिये कुछ खास हो तुम।
आंखों से थोड़ा दूर सही
दिल मे स्थान तुम्हारा है
दिल ने जब भी तुम्हे याद किया
यूं लगा कि मेरे पास हो तुम।
हाथों मे हाथ तुम्हारा हो
कुछ पल को मेरे साथ रहो
बस इतनी सी एक चाहत है
इस चाहत का एक आस हो तुम।
दिल ने मेरे जब प्रश्न किया
सम्बंद्ध मेरा क्या है तुमसे
सम्बंद्ध मेरा तुम से कुछ हो
एक प्यारा सा एहसास हो तुम।



