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Saturday, February 27, 2021

एक प्यारा सा एहसास हो तुम

              


शब्दों अर्थों  के सहारे ही

दिल का मेरे आभास हो तुम।

बस इतना लिखता हूं मै तुम्हे

कि मेरे लिये कुछ खास हो तुम।

 

आंखों से थोड़ा दूर सही 

दिल मे स्थान तुम्हारा है

दिल ने जब भी तुम्हे याद किया 

यूं लगा कि मेरे पास हो तुम।


हाथों मे हाथ तुम्हारा हो 

कुछ पल को मेरे साथ रहो

बस इतनी सी एक चाहत है 

इस चाहत का एक आस हो तुम।


दिल ने मेरे जब प्रश्न किया 

सम्बंद्ध मेरा क्या है तुमसे

सम्बंद्ध मेरा तुम से कुछ  हो 

एक प्यारा सा एहसास हो तुम।

रिश्तों की व्याख्या

                    


दिल मेरा लिखने बैठा जब

व्याख्या हमारे रिश्तों की 

संदर्भ और प्रसंग मे तो 

कुछ तुम्हे लिखा कुछ मुझे लिखा

फिर क्रम आया जब व्याख्या का

वो ठिठक गया कि लिखूं क्या

क्या रिश्ता मेरा तुमसे है

क्या रिश्ता मुझसे है तेरा

दिल को जब कुछ पता नही

तो सच ही है वो लिखता क्या

फिर दिल से  मैने यही कहा

व्याख्या मे तुम बस प्यार लिखो

प्यार तो बस प्यार ही है

इसका ना कोई आधार लिखो

केवल इतना लिख कर आगे

तुम सीधा उपसंहार लिखो

उसमे भी गर कुछ लिख न सको

उपसंहार मे भी बस प्यार लिखो।

उपसंहार मे भी बस प्यार लिखो।

Friday, February 26, 2021

व्यवस्था का रंगमंच

                 


व्यव्स्था के रंगमंच पर

पहला पर्दा इमानदारी का

दूसरा इसके विलोम का 

पहले पर्दे की आड़ मे

लहराता उसका विलोम

प्रतीक्षा मे दर्शक 

खुलेगा पर्दा और 

दिखेगा नाटक इमानदारी का 

पर दोनो पर्दे एक साथ उठे

सूना रंगमंच व्यवस्था का

सिर्फ दिखे उठते गिरते पर्दे

नही दिखे पर्दे खींचने वाले भी

सिर्फ दिख रहे मूक दर्शक

और सुनायी दे रहा 

नेपथ्य से कोई शोर

दीप यादों के जलाना होगा

                           


प्यार हमसे जो किया है तो निभाना होगा

दिल मे जो भी है तेरे हमको बताना होगा।


मिल ही जाएगी हमें प्यार की मंजिल अपनी

बस हमें दिल के रास्ते से ही जाना होगा।


प्यार दुनिया को कभी भी ना रास आया है

इसे दुनिया की निगाहों से बचाना होगा।


प्यार तो प्यार है कोई आग का दरिया तो नही

लोग कहते हैं जिसमे डूब के जाना होगा।


रोशनी प्यार की मध्यम न कभी हो पाये 

दीप यादों के हमे दिल मे जलाना होगा।