सच्चाई को जान लो फिर फसाना देखना।
पहले खुद को देख लो फिर जमाना देखना।
है तुम्हे रुकना कहां पहले से क्यों सोचना
राह पहले देख लो फिर ठिकाना देखना।
मसअले जो आज है गौर उन पर भी करो
पहले उनको देख लो फिर पुराना देखना।
बेवजह ही तीर तुम छोड़ते हो क्यों भला
लक्ष्य पहले देख लो फिर निशाना देखना।