ENJOY READING, GO IN DREAMS


Friday, May 21, 2021

हे मानव रूपी गिद्धों


               

ईश्वर ने  दिया है जन्म तुम्हे कुछ अच्छे कर्म करो।

हे मानव रूपी गिद्धों  तुम कुछ तो शर्म करो।


एक दिन वो भी आयेगा तुम खुद ही पछताओगे 

फिर सर पटकोगे अपना पर कुछ ना कर पाओगे

क्यों पत्थर दिल बन बैठे दिल कुछ तो नर्म करो।

हे मानव रूपी..........


स्वर्ग नर्क कुछ भी है नही ये सब है मन का फेरा 

सब कुछ ईश्वर का ही है क्या तेरा और क्या मेरा

ईश्वर ने दिया है अवसर तो कुछ तो धर्म करो।

हे मानव रूपी .......


हम मानव हैं हमको तो मानवता दिखलाना होगा

पर-सेवा का पाठ हमे खुद को सिखलाना होगा

मानव सेवा मे आओ खुद को सरगर्म करो।

हे मानव रूपी ......

नीला आस्मां सो गया

           


नीला आस्मां सो गया।

देख इस कदर सब रोते बिलखते लोग

अपनो को खोते हुए और सिसकते लोग 

हर किसी के साथ वो भी रो गया।

नीला आस्मां सो गया।


देख सब बेबस यूं ही विचरते लोग

दवा से हवा से बेहद तरसते लोग

कुछ ना बोला बस उन्ही मे खो गया।

नीला आस्मां सो गया।


अपनों की सांसों मे सांसे मिलाते लोग

एक बुझते दीप को कुछ यूं जलाते लोग

सोच इस जहां मे ये क्या हो गया।

नीला आस्मां सो गया।


देख बहती आंखों के आंसू सुखाते लोग

सांस टूटी हाथों से हाथें छुड़ाते लोग

यूं जहर इस हवा मे कौन कैसे बो गया।

नीला आस्मां सो गया।


ऊपर बैठा है जो अपनी कृपा बरसायेगा 

वो दिंन भी आयेगा सब कुछ सही हो जायेगा

बस इसी उम्मीद मे सारा जहाँ है खो गया।

नीला आस्मां सो गया।