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Wednesday, December 16, 2020

हे राम तुम्हारी जय हो।

हे राम तुम्हारी जय हो 

हे राम तुम्हारी जय हो 

है आराधना तुम्हारी 

हम पर कृपा निश्चय हो 

हे राम तुम्हारी जय हो ।


हम तो हैं भक्त तुम्हारे 

त्रुटियां हमसे सम्भव है

क्षमा करो अवधबिहारी

तुम मे ही लीन हृदय हो 

हे राम तुम्हारी जय हो।


तुम तो हो अन्तर्यामी 

सब ज्ञान तुम्हे तो है ही 

कृपा करो तृशिरारी 

यह जीवन भक्ति-मय हो

हे राम तुम्हारी जय हो।


मेरे सारे सुख दुख तो 

सब तुम पर ही निर्भर है

सुनो विनती हे धनुधारी

सब कुछ तुम मे विलय हो।

हे राम तुम्हारी जय हो।

Tuesday, December 1, 2020

क्या गाऊं मैं

         

तुम तक मन की बात ना पहुंचे 
दिल की भी आवाज ना पहुंचे 
पर ऐसे हालात हों तो फिर 
तुम ही कहो अब क्या गाऊं मैं।(2) 

क्या होगा अंजाम प्यार का
ये तो कभी सोचा भी नही है 
पर तुम तक आगाज न पहुंचे 
तुम ही कहो अब क्या गाऊं मै।(2)
 
दिल मे रहते हो तुम मेरे 
कैसे तुमको भूलूँ मैं फिर 
पर तुम तक जज्बात न पहुंचे  
तुम ही कहो अब क्या गाऊं मैं।(2)

प्यार की उन नन्ही बूदों मे
मै भी रहूंगा तुम भी रहोगे
पर तुम तक बरसात न पहुंचे 
तुम ही कहो अब क्या गाऊं मै।(2)

Friday, September 18, 2020

जाने कितने रूप तुम्हारे


जाने कितने रूप प्रेम के 

किसने समझा किसने जाना

चाहे वो कितने हो लेकिन

एक रूप मे तुम भी हो।

हृदय एक है गहरा सागर 

जाने कितनी लहरें उसमे 

उन उठती गिरती लहरों मे

एक लहर मे तुम भी हो ।

कोई  सिरा नही है मन का 

कहां से उठता कहां निकलता 

लेकिन उसके किसी सिरे पर 

किसी रूप मे तुम भी हो ।

रात गगन मे कितने तारे

किसने जाना किसने देखा 

उन्ही असंख्य तारों मे देखो 

एक सितारा तुम भी हो।

दिल की तुम हर बात लिखो


ये मत सोचो क्या लिखना है 
दिल की तुम हर बात लिखो ।
जीवन एक शतरंज बना है
उसका शह और मात लिखो।

आँख बन्द कर मन से देखो 
कैसा चित्र उभरता उसमे 
उन चित्रों मे छुपे हुए जो
सारे झंझावात लिखो ।

घोर निराशा के बादल से 
बाहर जरा निकल कर देखो
जीवन को वरदान समझ तुम
जीवन की सौगात लिखो ।

जीवन पथ पर याद रखो तुम
सुख और दुख दोनो ही मिलेंगे
रात बीत जाने पर देखो 
होता है प्रभात लिखो।
दिल की तुम हर बात लिखो।

यादें कितनी


 याद है मुझको तेरे प्यार की बातें कितनी 

और वो तुमसे हुई पिछ्ली मुलाकातें कितनी।

बिन बताये ही चली आती हो तुम यादों मे 

मैने काटी हैं जाग जाग के रातें कितनी ।

क्या पता कैसे जमाना भी इससे वाकिफ है

बात है प्यार की हम इसको छुपाते कितनी।

है पता मुझको मेरे पास तुमको आना है 

यूँ तो सब लोग बनाते है बस  बातें कितनी ।

तुम्हे तो जिद थी बस हमसे दूर जाने की 

और हम तुमको अवाज लगाते कितनी।

Saturday, July 25, 2020

बरसते नयन अम्बर के


मैं और तुम जब हुए हम,
बरसते नयन अम्बर के
गये हैं वो भी देखो थम ।

दिलों की दूरियां भी तो ,
कि लगता था बढ गयी हैं
जरा सा पास हम जो आये
हो गयी वो भी अब हैं कम।

अब जब तुम साथ हो मेरे ,
दिलों को कुछ तो राहत है
वो हमको  याद करते थे
हर लम्हा और हर दम ।

चलो अच्छा हुआ कि हम
वहीं पर फिर मिल गये हैं,
जहां पर थे हुए आरम्भ
हम दोनो के रंजो - गम।

अब आ भी जाओ !

           
मैं अपने दिल का तुम्हे एक एक एहसास देता हूं ,
कि अब आ भी जाओ मैं तुम्हे आवाज देता हूं।

तुम्हारे हाथ की नरमी अभी तक याद है मुझको,
बस उसकी याद मे मैं अपनी रातें काट देता हूं।

किस्मत का मेरे हर खेल अब तुम पर ही निर्भर है ,
खुद ही से जीतता हूं और खुद ही को मात देता हूं।

तुम्हारा नाम लिखकर सैकडों कागज के पन्नों पर,
फिर उन कागज के पन्नों को मैं अक्सर फाड़ देता हूं।

मेरे दिल से तुम्हारी याद बिल्कुल भी नही जाती,
उन्ही यादों को अपने दिन और अपनी रात देता हूं।

Sunday, July 19, 2020

बेरुखी आपकी


याद है फिर भी भूलने का बहाना क्यूँ है ,
ऐसा कह कह के मुझे यूँ ही सताना क्यूँ है।

बेरुखी अपनी कभी ऐसे ही जाहिर कर दो,
यूँ सरे आम जमाने को दिखाना क्यूँ है।

दिल की बातें हैं इन्हे दिल मे ही अब रहने दो,
औरों के सामने यूँ  होठों पे लाना क्यूँ है।

पास आये हो तो कुछ और देर  बैठो अभी,
इतनी जल्दी से हमे छोड़ के जाना क्यूँ है।

इतनी नफरत है तो बस इतना बता दो हमको,
हमे खोकर भी तुम्हे हमको ही पाना क्यूँ है।
    

Friday, July 3, 2020

नया सवेरा


सुप्रभात ये दुनिया वालों
उठो हो गया नया सवेरा ,
स्याह रात ने दामन छोड़ा
 उजियारे ने है आ घेरा।
                आओ इस उजियारे में हम
                गीत नया कोई गाते हैं ,
                अपने साथ औरों के भी
                नव जीवन को महकाते हैं।
रात के सपने ख़त्म हुए सब
भूल गए कुछ याद नहीं ,
कर्म करें फिर सपने देखें
वो तो सच हो जाते हैं।
                आओ अब इस नए दिवस में
                कुछ हम भी अच्छे काम करें ,
                सब भूल चूक अच्छा या बुरा
                इन सबको आज भुलाते हैं।
फिर आएगी शाम सुहानी
पकड़े स्याह रात का दामन ,
पूरे दिन की भाग दौड़ से
हम भी कुछ थम जाते हैं।
                  रात अँधेरी आ ही गयी अब
                  लोभ लिए मीठे सपनो का ,
                  उन मीठे सपनों के लोभ में
                  हम भी चलो सो जाते हैं।
                  हम भी चलो सो जाते हैं।  

Monday, June 22, 2020

सर्वोच्च शिखर पर चढ़ना इतना भी जटिल नहीं है .


               What Does Success Really Look Like? - TanveerNaseer.com
सच्चे राहों पर चलना इतना भी कठिन नहीं है ,
सर्वोच्च शिखर पर चढ़ना इतना भी जटिल नहीं है।

एकाग्र चित्त और मन से गर सच्चा प्रयास करोगे
सब कही-सुनी यदि तजकर खुद पर विश्वास करोगे
निश्चित है एक दिन तुम भी सफलता प्राप्त करोगे
सौभाग्य तुम्हारा देखो इतना भी कुटिल नहीं है !
सर्वोच्च शिखर पर चढ़ना इतना भी जटिल नहीं है।

मकड़ी को ध्यान से देखो जब जाला वो बुनती है
सौ बार इधर उठती है सौ बार उधर गिरती है
वह सिखलाती हम सबको हे मानव तुम भी जानो
दुर्भाग्य तुम्हारा  देखो इतना भी हठिल नहीं है !
सर्वोच्च शिखर पर चढ़ना इतना भी जटिल नहीं है।

असफलता और सफलता का संतुलन बनाये रखना 
आगे ही बढ़ते रहने का निज-स्वप्न सजाये  रखना
हर लक्ष्य तुम्हारा होगा यह बिल्कुल  ही निश्चित है
जो तुमको रोक भी पाए ऐसा कोई अनिल नहीं है ,
सर्वोच्च शिखर पर चढ़ना इतना भी जटिल नहीं है। .

सच्चे राहों पर चलना इतना भी कठिन नहीं है।

Thursday, June 11, 2020

रोटी

                     

                      रेलवे ट्रैक पर सो रहे मजदूरों को समर्पित 

                                                   रोटी 
Police inspect at the spot where 14 migrant workers from Madhya Pradesh were run over by a goods train early on Friday morning.

                तुम सभी का दर्द तो कोई समझ न पायेगा 
                मजदूर थे पर तुम्हे मजबूर समझा जायेगा 
                हो गयी एक चूक तुमसे अब कोई कुछ भी कहे 
               ये तुम्हारी कमी तुम्हारा परिवार अब कैसे सहे 
               इस तरह तुम ना रहे ये तो सबको है खली 
               मेरी तरफ से तुम सभी को अनगिनत श्रद्धांजलि