ENJOY READING, GO IN DREAMS


Friday, May 28, 2021

तुम ही तुम

                     


तुम हो तुम्हारी खुशी है।

इसके सिवा कुछ नही है।

तुम साथ हो तो है क्या गम

सब कुछ मेरा बस यही है।


दिल मे है तस्वीर तेरी

आंखों मे सपने तुम्हारे

दुनिया से हमको क्या लेना

मेरी तो दुनिया तू ही  है।


जब तक थे तुम साथ मेरे

दुनिया ये कितनी हँसीं थी

जबसे हो तुम  साथ छोड़े 

सब कुछ वहीँ का वहीँ है।


दिल तो अकेला कभी भी

रहता नही है किसी का 

दिल इस जहां मे सभी का

लगता कहीं ना कहीं है।

Thursday, May 27, 2021

ये जीवन है

                  


 जैसा हम चाहेंगे सब कुछ वैसा तो नही होना है।

जीवन की परिभाषा मे कुछ पाना कुछ खोना है


जो बोवोगे वो काटोंगे जीवन की जब रीति यही

तो फिर हमको कर्म कृषि मे अच्छी फसलें बोना है।


छोड़ निराशा आशाओं की आओ हम सब बात करें

अच्छे वक्त भी आएँगे ही फिर किस बात का रोना है।


रंगमच की कठपुतली हैं डोर तो कोई और लिये है

उसकी धुन पर नाच रहे हम केवल एक खिलौना हैं।


सब कुछ छोड़ के जाना होगा ऐसा दिन भी आयेगा

कर्म हमारा चादर है और जीवन एक बिछौना है।