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Tuesday, December 1, 2020

क्या गाऊं मैं

         

तुम तक मन की बात ना पहुंचे 
दिल की भी आवाज ना पहुंचे 
पर ऐसे हालात हों तो फिर 
तुम ही कहो अब क्या गाऊं मैं।(2) 

क्या होगा अंजाम प्यार का
ये तो कभी सोचा भी नही है 
पर तुम तक आगाज न पहुंचे 
तुम ही कहो अब क्या गाऊं मै।(2)
 
दिल मे रहते हो तुम मेरे 
कैसे तुमको भूलूँ मैं फिर 
पर तुम तक जज्बात न पहुंचे  
तुम ही कहो अब क्या गाऊं मैं।(2)

प्यार की उन नन्ही बूदों मे
मै भी रहूंगा तुम भी रहोगे
पर तुम तक बरसात न पहुंचे 
तुम ही कहो अब क्या गाऊं मै।(2)