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Tuesday, May 17, 2022

दिल-ए-गाफिल

 नाम की चर्चा तुम्हारे आज हर महफिल मे है।

क्या करे क्या ना करे दिल बड़ी मुश्किल मे है।


तुम जो बोलोगे नही तो कैसे जानू मैं भला

दिल हमारा इश्क मे अब कौन सी मंजिल मे है।


उलझनो के दौर से बाहर निकलना है मुझे

चाहिये अब वो सुकूं जो बस दिल-ए-गाफिल मे है।


बच निकल आया हूं अब मैं जो भला तूफान से

ऊंचे लहरों की तमन्ना फिर से अब साहिल मे है।


आज उस रब ने दिख्याया ये करिश्मा ख्वाब मे

जान मेरी अब तो शायद मेरे ही कातिल मे है।

Monday, May 16, 2022

ख्वाब न मरने पायें।

 वर्तमान पर्याप्त है लेकिन 

अभी बहुत कुछ करना है।

कठिनाई से लड़कर आगे

हमे निरंतर बढ़ना है।

खुद पर उठने वाले प्रश्नो के

जवाब न मरने पायें।

आसमान मे उड़ने वाले 

ख्वाब न मरने पायें।


मुकाम कोई हासिल करना 

आसान नही होता है।

प्रयास कभी सच्चे मन का

नाकाम नही होता है।

बस दिल मे कुछ करने के

ताब न मरने पायें।

आसमान मे उड़ने वाले

ख्वाब न मरने पायें।


लोगों का क्या है वो तो

कुछ ना कुछ बोलेंगे।

हर कदम पर हर मुकाम पर

हमको वो तौलेंगे।

बस ध्यान रहे अपने भी

रूवाब न मरने पायें।

आसमान मे उड़ने वाले 

ख्वाब न मरने पायें।