लहरों के थपेरों से।
लहरे तो लहरे हैं ,
आती हैं , जाती हैं ,
लहरे तो लहरे हैं ,
आती हैं , जाती हैं ,
उठती हैं , गिरती हैं।
वो नहीं भूलीं
वो नहीं भूलीं
अपनी प्रकृति को।
तुम भी मत भूलो
तुम भी मत भूलो
संघर्ष की आवृति को।
लहरं हैं अगर
लहरं हैं अगर
खूशियों का पैगाम ,
उठो , खुशी मनाओ
गर लहरें हैं ग़मों की ,
तो भी मत घबराओ।
प्रतीक्षा करो ,
उठो , खुशी मनाओ
गर लहरें हैं ग़मों की ,
तो भी मत घबराओ।
प्रतीक्षा करो ,
उम्मीद के किरण की।
आ जाये किरण ,
आ जाये किरण ,
फिर उठो , आगे बढ़ो।
यही जीवन है।
जीवन तो मिलन है ,
सुबह और शाम का।
सुख और दुःख का।
यही जीवन है।
जीवन तो मिलन है ,
सुबह और शाम का।
सुख और दुःख का।
अंधेरों और उजालों का।
विपरीत ख्यालों का।
इसी तरह जगती है
विपरीत ख्यालों का।
इसी तरह जगती है
सफलता की आशा।
और पूरी होती है
और पूरी होती है
जीवन की परिभाषा।