तुमसे परिभाषित शब्द मेरे
हर शब्द में हो परिभाषित तुम।
शब्दों में छिपे हैं अर्थ बहुत
हर अर्थ में हो अनुवादित तुम।
जो गुजर गया सो गुजर गया
शब्दों में उनकी यादें है।
जो होना था पर नही हुआ
शब्दों में बस फरियादें हैं।
जो अर्थ हैं मेरे शब्दों के
हर अर्थ में हो रेखांकित तुम।
हर शब्द में हो परिभाषित तुम।
गर शब्द समझ में आएगा
तो अर्थ समझ में आएगा।
क्या कह सकते हैं शब्दों से
सामर्थ्य समझ में आएगा।
कितने भी विस्तृत अर्थ सही
हर अर्थ में हो प्रत्याशित तुम।
हर शब्द में हो परिभाषित तुम।