बहुत आसान नहीं होता है
अपनी बातें खुद से कहना।
अपनी बातें खुद को लिखना।
यूं ही मैं कविताएं लिखता हूं।
गीत और गजल लिखता हूं।
ख्वाबों के महल लिखता हूं।
कभी कुछ बात लिखता हूं
कभी बेबात लिखता हूं।
कुछ यहां के कुछ वहां के
मुकम्मल हालात लिखता हूं।
आंखों में ख्वाब लिखता हूं।
अनगिनत सी यादें है दिल में
उनका हिसाब लिखता हूं।
कुछ कहानियां लिखता हूं
कुछ किस्से लिखता हूं।
कुछ दर्द कुछ यादें
कुछ खुशियां कुछ गम
मैं अपने हिस्से लिखता हूं।
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