क्योंकि गरीब है वो
भूख से प्यास से
जमाने की दी हुई
तसल्ली और आस से
बेहद करीब है वो
क्योंकि गरीब है वो ।
क्या किया कितना किया
अब तलक कैसे जिया
बस यही सब नापता
बेबस जरीब है वो
क्योंकि गरीब है वो।
कर्म से धर्म से
दर्द जो उसको मिला
उन सभी के मर्म से
अपना ही नसीब है वो
क्योंकि गरीब है वो।
कर्ज से फर्ज से
अनगिनत दर्द से
खुद को टांगने के लिये
उठाता सलीब है वो
क्योंकि गरीब है वो
