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Wednesday, March 6, 2024

जिंदगी के पड़ाव 22

 रास्ता सही है लेकिन घुमाव ज्यादा है।

खतरा कम है लेकिन बचाव ज्यादा है।


इस जिंदगी का है इतना ही फलसफा

सफर है बहुत छोटा पड़ाव ज्यादा है।


फैसले में देरी का सबब यही है शायद

मुंसिफ का मुल्जिम में झुकाव ज्यादा है।


हर आम आदमी का दिन कट रहा ऐसे

खुशियां हैं बहुत थोड़ी तनाव ज्यादा है।


मुंह फेर के बैठे है अपनो में ही कुछ लोग

बस कहने को ही हमसे लगाव ज्यादा है।