आस्माँ मिल गया है जमीं रह गयी
जिन्दगी मे तुम्हारी कमी रह गयी।
अश्क सारे हमारे खतम हो गये
बस आंखों मे थोडी नमी रह गयी।
तुम गये जिन्दगी से तो ऐसा लगा
धडकने भी थमी की थमी रह गयीं।
मैने चाही नही थीं मगर दूरियां
दरमियांं तेरे मेरे बनी रह गयीं ।
तुम मिले भी नही और जुदा हो गये
मेरी किस्मत की मुझसे ठनी रह गयी।

