ENJOY READING, GO IN DREAMS
Friday, December 2, 2011
Tuesday, July 26, 2011
तेरा गुमान होता है.
किसी को देखते ही ही तेरा गुमान होता है।
मेरा हर ख्वाब बस यूँ ही तमाम होता है।
मैंने तो कदम रख दिया है राहे-इश्क में
देखता हूँ इस सफ़र का क्या अंजाम होता है।
ये तो मेरे दिल की फितरत है क्या करूँ
इक तेरा दिल ही अब इसका मुकाम होता है।
मुमकिन नहीं है अब तो भूल जाऊं मैं तुम्हे
मेरे लब पे अब तो बस तेरा ही नाम होता है।
ऐ मेरे दिल अब ये तू मुझको भी बता दे
क्या उसकी याद के सिवा भी काम होता है. ,
मेरा हर ख्वाब बस यूँ ही तमाम होता है।
मैंने तो कदम रख दिया है राहे-इश्क में
देखता हूँ इस सफ़र का क्या अंजाम होता है।
ये तो मेरे दिल की फितरत है क्या करूँ
इक तेरा दिल ही अब इसका मुकाम होता है।
मुमकिन नहीं है अब तो भूल जाऊं मैं तुम्हे
मेरे लब पे अब तो बस तेरा ही नाम होता है।
ऐ मेरे दिल अब ये तू मुझको भी बता दे
क्या उसकी याद के सिवा भी काम होता है. ,
Tuesday, June 14, 2011
Pencil & Eraser की प्रेम कहानी "•٠·♥
ERASER TOLD TO PENCIL.............,
क्या हुआ जो मैं मिट गया तुझे बनाने में
मेरी तो दुनिया उजड़ गयी तुझे महकाने में
पर तुम न समझे मेरे प्यार की कीमत क्या है
यूँ तो सदियाँ गुजर गयीं तुझे समझाने में ,
PENCIL REPLIED TO ERASER............,
मैं तो कोरे कागज़ से प्यार करती हूँ.
उसी के जीवन में हमेशा से रंग भरती हूँ.
मैंने तुमसे कहा था मेरे जीवन में कोई और है
पर तू भी मुआ बड़ा जलनखोर है.
मैं जब भी कोरे कागज़ से प्यार करती हूँ
उसके चौड़े सीने पर प्यार से मचलती हूँ.
तू आकर उस प्यार को मिटा देता है.
क्या यही है तेरा प्यार इसी का सिला देता है.,
Wednesday, June 1, 2011
दिल की पुकार में
खो जाता हूँ मैं जब भी कभी तेरे प्यार में
आ जाता है करार दिले बेक़रार में .
चेहरे पे तेरे जब से पड़ी है नजर मेरी
झंकार सा उठा है मेरे दिल के तार में.
एक बार मुड़ के देख तू मेरी तरफ कभी
एक दर्द मोहब्बत का है दिल की पुकार में.
तन्हाई में बता दे अपना हाल-ये-दिल मुझे
रुसवा न कर मुझे यूँ सरे बाज़ार में .
गर आ सको आ जाओ मेरी जिंदगी में तुम
खिल जायेगा दिल भी मेरा अबकी बहार में.
Wednesday, May 18, 2011
क्या हो तुम
तुम्हे क्या पता कि क्या हो तुम
बहती हुई नदी हो,
खूबसूरत फिजां हो तुम
तुम्हे क्या पता...................
मोहब्बत एक तहरीर है
अन्दाजें बयां हो तुम
तुम्हे क्या पता....................
सलीके इश्क कि महफ़िल में
शर्मो-हया हो तुम
तुम्हे क्या पता...................
बीते हुए कल की
एक खूबसूरत वाकया हो तुम
तुम्हे क्या पता...................
Sunday, April 24, 2011
छोड़ के जाना न तुम मुझे
मेरे लिए तो तेरी एक मुस्कान बहुत है
इतना तो करम कर दे एहसान बहुत है।
या खुदा तू उससे मुझे एक बार मिला दे
सुना है उससे तेरी पहचान बहुत है।
सहता हूँ किस तरह तुझे मालूम नहीं है
मेरे दुश्मन की तरफ तेरा रुझान बहुत है।
खिचता ही जा रहा हूँ बस तेरी तरफ मैं
वैसे तो मोहब्बत के सिवा काम बहुत है।
दिल की सुनूँ मैं या ज़माने की सुनूँ मैं
मेरा दिल मोहब्बत में बदनाम बहुत है।
अब आ गए हो छोड़ के जाना न तुम मुझे
पहलू में तेरी मुझको आराम बहुत है।
Saturday, April 9, 2011
ये राजनीति तो गड़बड़झाला है.
यहाँ बड़ा बड़ा घोटाला है
ये राजनीति तो गड़बड़झाला है
है लूट खसोट की उठा - पटक
कोई यहाँ झटक कोई वहां झटक
है काजल की ये कोठरी
यहाँ दिल भी सबका काला है
..................ये राजनीति तो गड़बड़झाला है.
जो इस चक्कर में फंस ही गया.
कोई उलझ गया कोई सुलझ गया
है ऐसी भूल-भुलैया ये
ये तो मकड़े का जाला है
....................ये राजनीति तो गड़बड़झाला है.
जो देश का रुपया सटक गया
कोई अटक गया कोई पटक गया
सब लूट के कुछ भी न बोले
यहाँ सब के मुंह पर ताला है
....................ये राजनीति तो गड़बड़झाला है.
ये राजनीति का पचड़ा है
यहाँ झगड़ा है यहाँ लफड़ा है
पहले ये कितनी पावन थी
बह रहा यहाँ गन्दा नाला है
....................ये राजनीति तो गड़बड़झाला है.
दूषित है इसका संस्कार
कोई गया पार कोई गया हार
बेईमानी ने इसको जन्म दिया
भ्रस्टाचार ने इसको पाला है
....................ये राजनीति तो गड़बड़झाला है.,
ये राजनीति तो गड़बड़झाला है
है लूट खसोट की उठा - पटक
कोई यहाँ झटक कोई वहां झटक
है काजल की ये कोठरी
यहाँ दिल भी सबका काला है
..................ये राजनीति तो गड़बड़झाला है.
जो इस चक्कर में फंस ही गया.
कोई उलझ गया कोई सुलझ गया
है ऐसी भूल-भुलैया ये
ये तो मकड़े का जाला है
....................ये राजनीति तो गड़बड़झाला है.
जो देश का रुपया सटक गया
कोई अटक गया कोई पटक गया
सब लूट के कुछ भी न बोले
यहाँ सब के मुंह पर ताला है
....................ये राजनीति तो गड़बड़झाला है.
ये राजनीति का पचड़ा है
यहाँ झगड़ा है यहाँ लफड़ा है
पहले ये कितनी पावन थी
बह रहा यहाँ गन्दा नाला है
....................ये राजनीति तो गड़बड़झाला है.
दूषित है इसका संस्कार
कोई गया पार कोई गया हार
बेईमानी ने इसको जन्म दिया
भ्रस्टाचार ने इसको पाला है
....................ये राजनीति तो गड़बड़झाला है.,
Monday, March 28, 2011
जानता हूँ मैं
क्या होगा मोहब्बत का असर जानता हूँ मै।
दिल पर ही बरसेगा कहर जानता हूँ मैं।
यादों मे मेरी हर पल दिन रात तुम्ही हो
पर तुझको नहीं है खबर जानता हूँ मैं।
दिल की तसल्ली के लिए बैठा हूँ किनारे
न आएगी मोहब्बत की लहर जानता हूँ मैं।
कितने ही दफा तुमसे मिलने की दुआ की
ना भूलूंगा मैं वो शामो-सहर जानता हूँ मैं।
नाकाम हसरतों को लिए जी रहा हूं मैं
इक दिन तो पीना है जहर जानता हूँ मैं।
Friday, February 11, 2011
कहीं ऐसा न हो
कहीं ऐसा न हो कि दर्दे दवा का असर न हो.
मैं यहाँ मर जाऊं और तुझको खबर न हो.
यूँ तो हैं बहुत खूबसूरत प्यार के ये रास्ते
पर कोई कैसे चले जब कोई हमसफ़र न हो.
है बहुत मदहोश आज खूबसूरत शाम ये
काश ऐसा हो कि इस शाम की सहर न हो.
या खुदा करना करम तू इस सारे जहान पर
पर कहीं ऐसा न हो तेरे करम हम पर न हों ,
Tuesday, January 18, 2011
ये पता तुझको भी है
मुश्किलें तो आयेंगी ही उनसे घबराना कैसा.
मंजिलें मिल जाएँगी थक कर रुक जाना कैसा।
प्यासा कोई आए और प्यासा चला जाए
जाम से जाम न टकराए तो मैखाना कैसा।
जान देना ठीक है गर हो वफ़ा उस प्यार में
वर्ना यूँ ही बेवजह प्यार मे मर जाना कैसा।
हो खता किसी और की फिर तो कोई बात है
गर खता अपनी हो तो औरों पे झुंझलाना कैसा।
जी नहीं सकता हूँ तुम बिन ये पता तुमको भी है
फिर तेरा यूँ रूठकर मुझसे चले जाना कैसा।
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