दोनो पलकों के पीछे ही
एक बड़ा जल सागर है।
सागर की जल बूदों में
बसे हुए कुछ शब्द मेरे।
अपनी किसी वेदना में
या दिल की संवेदना में
बूदें जब बहने पर आएं।
बस एक निवेदन है मेरा
ना शब्द मेरे बहने पाएं।
शब्द अगर बह भी गए
तो वापस वो आ जाएंगे
ख्याल रहे बस इतना ही
कि शब्दों के बहते बहते
ना अर्थ कभी बहने पाएं।
अर्थ अगर बह गए साथ
तो वापस वो ना आयेंगे
आए भी तो निश्चित ही
फिर मूल अर्थ खो जायेंगे।
वो अर्थ न वापस आयेंगे।