दिल की भी आवाज ना पहुंचे
पर ऐसे हालात हों तो फिर
तुम ही कहो अब क्या गाऊं मैं।(2)
क्या होगा अंजाम प्यार का
ये तो कभी सोचा भी नही है
पर तुम तक आगाज न पहुंचे
तुम ही कहो अब क्या गाऊं मै।(2)
दिल मे रहते हो तुम मेरे
कैसे तुमको भूलूँ मैं फिर
पर तुम तक जज्बात न पहुंचे
तुम ही कहो अब क्या गाऊं मैं।(2)
प्यार की उन नन्ही बूदों मे
मै भी रहूंगा तुम भी रहोगे
पर तुम तक बरसात न पहुंचे
तुम ही कहो अब क्या गाऊं मै।(2)

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