व्यव्स्था के रंगमंच पर
पहला पर्दा इमानदारी का
दूसरा इसके विलोम का
पहले पर्दे की आड़ मे
लहराता उसका विलोम
प्रतीक्षा मे दर्शक
खुलेगा पर्दा और
दिखेगा नाटक इमानदारी का
पर दोनो पर्दे एक साथ उठे
सूना रंगमंच व्यवस्था का
सिर्फ दिखे उठते गिरते पर्दे
नही दिखे पर्दे खींचने वाले भी
सिर्फ दिख रहे मूक दर्शक
और सुनायी दे रहा
नेपथ्य से कोई शोर

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