दिल ने दिल की बात कही है।
सच ही है वो झूठ नही है।
गर तुमको इकरार नही है।
कह दो मुझसे प्यार नही है।
याद मे तेरे अक्सर ही
दिल खोया खोया रह्ता है।
तुमसे मिलने की खातिर
नित ख्वाब सँजोया करता है।
दिल की दुनिया के बसने का
गर कोई आसार नही है।
कह दो मुझसे प्यार नही है।
जो भी कहता हूं मै तुमसे
सब सच ही तो कहता हूं।
फिर तेरी खामोशी का मै
दर्द भला क्यूं सहता हूं।
मेरी सच्ची बातों पर
गर तुमको ऐतबार नही है।
कह दो मुझसे प्यार नही है।
नाम तुम्हारा लेता हूं जब मै
तुम बस सुनते रहते हो।
मन ही मन मे जाने क्या तुम
धागे बुनते रहते हो।
मेरे कदमों का गर तुमको
थोड़ा भी इन्तजार नही है।
कह दो मुझसे प्यार नही है।
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