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Saturday, December 28, 2024

अपने अपने हाल निकालो 45

मन से सभी बवाल निकालो।

बालों के मत खाल निकालो।

अनसुलझे जो पड़े हुए हैं 

ऐसे सभी सवाल निकालो।


दुविधाओं से शंकाओं से

अंतर्मन यदि भरा हुआ हो।

खुशियों की यूं राह न रोको

मन से सब जंजाल निकालो।


जीवन की शतरंज बिछी है

सुख और दुख में बाजी है।

दुख हारे और सुख ही जीते

ऐसी कोई चाल निकालो।


है मशरूफ बहुत ये दुनिया

किसको किसकी पड़ी यहां।

अपने मन में खुद ही झांको

अपने अपने हाल निकालो।

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