सुनते नही हो तुम मुझे ये और बात है
ऐसा नहीं कि तुमसे कुछ कहता नही हूं मैं।
आंखों से एक सागर है बहता कभी कभी
ऐसा नहीं कि उसमे कुछ बहता नही हूं मैं।
जिस राह पे आंखों को एक ख्वाब था मिला
ऐसा नहीं कि उस राह गुजरता नही हूं मैं।
आंखों को है शिकवा कि ख्वाब टूटते हैं क्यूं
ऐसा नहीं कि इस बात से डरता नहीं हूं मैं।ai
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