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Saturday, May 27, 2023

बातें जमीर की

जरा ध्यान से तो देखिए अपने जमीर में।

खुद को छिपाए रखे हैं हम अपने शरीर में।


हर हाल में खुश रहने का क्या राज है यहां

आओ करें तलाश एक सच्चे फकीर में।


कमजोर छत टिकेगी कब तक दीवारों पर 

दीमक जब लग गए हों उसके शहतीर में।


इक दौलत-ए-ईमान का सौदा ना कीजिए

मिलती नही ये चीज किसी जागीर में।


किस्मत की लकीरें सब उलझी सी पड़ी हैं

ना जाने तुम मिलोगे कहां किस लकीर में।

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