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Wednesday, July 10, 2024

कुछ कहती हैं धड़कनें 40

 यूं ही कभी सांसों के 

वार्तालाप सुन कर देखिए।

क्या कह रही हैं धड़कने 

चुपचाप सुन कर देखिए।


देखने में शांत लेकिन

जाने कितना शोर है।

भावनाओं में उलझती

जा रही कोई डोर है।

दिल के दरवाजे पर 

कोई पद-चाप सुनकर देखिए।

क्या कह रही है धड़कने

चुपचाप सुनकर देखिए।


सांसों की गिनती है निश्चित

बस यूं ही चलती रहे।

इस बहाने जिंदगी की

शाम भी ढलती रहे।

हो समय तो दिल के भी

संताप सुन कर देखिए।

क्या कह रही है धड़कने

चुपचाप सुनकर देखिए।

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