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Wednesday, July 10, 2024

एक एहसास ऐसा भी 38

 एक समय था जब 

हम बाल कटाने जाते थे

नाई कुर्सी के दोनो हत्थों पर

एक पटरा रख देता था।

उस पर हम बैठते 

फिर नाई बाल काटता था।

यही क्रम चलता रहा

फिर एक दिन उसने कहा

कुर्सी पर ही बैठे रहिए

पटरे की जरूरत नहीं है।

उसी दिन से ये एहसास हुआ

हम भी बड़े हो गए।

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