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Saturday, February 24, 2024

काश मिल जाए। 19

सवाल जैसा हो वैसा जवाब मिल जाए।

मैं जैसा सोच लूं वैसा ही ख्वाब मिल जाए।

दिलों के खेल में बिल्कुल ये जरूरी तो नहीं

गुलाब देने के बदले गुलाब मिल जाए।


 ये तो चाहत नही कि आफताब मिल जाए।

दिलों के बीच का कुछ तो हिसाब मिल जाए।

मैं सारे हर्फ अपने होठों पर सजा लूंगा

तुम्हारे नाम की लिखी किताब मिल जाए।


        ( 2 ) 

जो कहे गए वो कतरा

जो कहना है वो समंदर।

समंदर में उछलती लहरें

लहरों में उभरती यादें

यादों में सिमटते तुम।

और तुझमें बिखरते हम।

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