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Saturday, February 24, 2024

खामोशियां 18

            ( 1 )

जो कही गईं 

वो थी कुछ बातें।

जो लिखे गए  

वो थे कुछ शब्द।

एक खालीपन लिए 

सब कुछ अपूर्ण।

उस खालीपन को 

उस अपूर्णता को

पूर्ण कर रही हैं। 

खालीपन भर रही हैं 

शब्द रहित 

स्वर रहित  

खामोशियां 

              ( 2 )


खामोशियां ही 

शब्दों को जन्म देती हैं।

खामोशियां ही 

शब्दों को मारती हैं।

शब्दों का जन्म-स्थल 

शब्दों का मृत्यु-स्थल

दोनो ही हैं

खामोशियां।

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