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Saturday, March 2, 2024

यादें 20

              ( 1 )

कारवां यादों का मेरे आस-पास है।

होंठ हैं चुपचाप मगर दिल उदास है।

यूं तो दूरियों के सिवा कुछ भी नही है

रिश्तों में मगर अब भी कुछ तो मिठास है।


               ( 2 )

यादों व भूलने के किरदार एक हैं।

दोनो को जोड़ने के सब तार एक हैं।

दोनो के बीच में हैं दिल के कश्मकश

हैं फूल सबके एक और खार एक हैं।


                ( 3 )

मेरी खामोशियों के।

मेरी उदासियों के।

मेरी तन्हाइयों के

मेरी दानाइयों के।

बेहद अभिन्न मित्र।

तुम्हारे बोलते चित्र।

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