( 1 )
कारवां यादों का मेरे आस-पास है।
होंठ हैं चुपचाप मगर दिल उदास है।
यूं तो दूरियों के सिवा कुछ भी नही है
रिश्तों में मगर अब भी कुछ तो मिठास है।
( 2 )
यादों व भूलने के किरदार एक हैं।
दोनो को जोड़ने के सब तार एक हैं।
दोनो के बीच में हैं दिल के कश्मकश
हैं फूल सबके एक और खार एक हैं।
( 3 )
मेरी खामोशियों के।
मेरी उदासियों के।
मेरी तन्हाइयों के
मेरी दानाइयों के।
बेहद अभिन्न मित्र।
तुम्हारे बोलते चित्र।
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