डालियां जब झूमती हों एक लय में।
सूर्य भी संकोच करता हो उदय में।
रूप यादों का लिए संग धड़कनों के
आ ही जाता है कोई मेरे हृदय में।
पुष्प आशाओं के तमाम लेकर।
स्मृतियों के नए आयाम लेकर।
भेज यादों को स्वप्नों के विलय में।
आ ही जाता है कोई मेरे हृदय में।
स्वप्न यदि तुम आए हो तो यूं न टूटो।
साथ दो कुछ और पल यूं न छूटो।
देख मन को इस अनुनय -विनय में
आ ही जाता है कोई मेरे हृदय में।
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