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Saturday, June 11, 2022

सच ही तो है।

 जवाब से बड़ा जब सवाल होता है।

वो भी इक तरह का बवाल होता है।


चाह कर भी कोई कुछ कर न पाये तो

यकीन मानिये बड़ा मलाल होता है।


गिरते को उठाना फिर उसे ही गिराना

ये भी सियासत का एक चाल होता है।


गर जिन्दगी मे चैन-ओ-सुकून ही न हो

फिर इस हाल मे जीना मुहाल होता है।


गर्दिशों से लड़ कर बुलंदी पे जो पहुंचा

वही फिर जमाने मे एक मिसाल होता है।

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