जवाब से बड़ा जब सवाल होता है।
वो भी इक तरह का बवाल होता है।
चाह कर भी कोई कुछ कर न पाये तो
यकीन मानिये बड़ा मलाल होता है।
गिरते को उठाना फिर उसे ही गिराना
ये भी सियासत का एक चाल होता है।
गर जिन्दगी मे चैन-ओ-सुकून ही न हो
फिर इस हाल मे जीना मुहाल होता है।
गर्दिशों से लड़ कर बुलंदी पे जो पहुंचा
वही फिर जमाने मे एक मिसाल होता है।
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