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Thursday, July 29, 2021

यादों के बादल

                 


तुमसे मिलने को जमाना हो गया

इश्क अपना भी पुराना हो गया।


तेरे यादों के हैं बादल छा गये 

और मौसम भी सुहाना हो गया।


प्यार शर्तों पर मुझे तुमने किया 

ये तो हमको आजमाना हो गया।


आये तुम मुँह फेर के चल भी दिये

रस्म मिलने का निभाना हो गया।


कुछ ना बोले बस जरा सा हंस दिये

राज दिल के यूं  छुपाना हो गया।

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