तुमसे मिलने को जमाना हो गया
इश्क अपना भी पुराना हो गया।
तेरे यादों के हैं बादल छा गये
और मौसम भी सुहाना हो गया।
प्यार शर्तों पर मुझे तुमने किया
ये तो हमको आजमाना हो गया।
आये तुम मुँह फेर के चल भी दिये
रस्म मिलने का निभाना हो गया।
कुछ ना बोले बस जरा सा हंस दिये
राज दिल के यूं छुपाना हो गया।

Kya baat hai sir
ReplyDeleteWow nice
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