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Saturday, April 15, 2023

कटाक्ष

 चूहे पड़े हैं सुस्त सब शातिर हैं बिल्लियां।

दुनिया उड़ाएगी ही चूहों की खिल्लियां।


कितने हों खूबसूरत दरवाजे काठ के

निगरानी तो करेंगी ताले व किल्लियां।


एक टूटी झोपड़ी में रहता है चैन से 

जो रोज तोड़ता है पत्थर की सिल्लियां।


ऐसे ही रह जाएगा बदहाल इंतजाम 

जब कुर्सियों पे होंगे सब शेखचिल्लियां।


सब रंग ज़माने का दिखेगा साफ साफ

आंखों से हटा दीजिए परदे व झिल्लियां।

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