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Saturday, November 5, 2022

लाजमी है।

 जब भी कोई आइना देखा करें।

हम भला हैं कौन ये सोचा करें।


खुद से कोई भूल गर हो जाए तो

फिर किसी को यूं ही ना कोसा करें।


बेवजह ही दिल अगर बेचैन हो

अपने में ही अपने को खोजा करें।


दर्द जब कोई सहा ना जाय तो

बहने दें अश्कों को ना रोका करें।


लाजमी है कुछ उसूल जिंदगी में

कुछ भी हो ईमाँ का ना सौदा करें।

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