कृत्रिम रावण जल जायेगा।
पर फिर जिन्दा हो जायेगा।
अगले वर्ष जलने के लिये
फिर अपना रूप दिखायेगा।
युगों युगों तक यही क्रिया
ऐसे ही दोहरायी जायेगी।
पर दुनिया जीवित रावण
किंचित भी मार ना पायेगी।
जब इसका कोई अन्त नही
कैसे अन्तिम संग्राम कहें।
रावण तो हैं अनगिनत यहां
पर किसको राम कहें।
पर किसको राम कहें।

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