तुमने कुछ प्यार से कहा मुझको
मिल गयी दर्द की दवा मुझको।
मुस्कराकर जो तुमने देखा है
लग गयी इश्क की हवा मुझको।
तेरे लहराते हुए दामन ने
जैसे चुपके से है छुआ मुझको।
शाम से है उदास दिल मेरा
तू भी अपनी कुछ सुना मुझको।
प्यार की बात ना करूं तुमसे
ऐसा कुछ तो नही हुआ मुझको।
तुम मेरे साथ हो तो रहता है
जाने किस बात का गुमां मुझको।
इश्क एक रोग हो गया जैसे
दे रहे लोग अब दुआ मुझको।

बहुत उम्दा
ReplyDeleteThanks to everyone
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