जिंदगी इम्तिहान लेती है।
पर इम्तिहान के पहले
कभी नहीं बताती
इम्तिहान का शेड्यूल।
इम्तिहान का सिलेबस।
कब शुरू होगा।
कितने दिन चलेगा
कब खत्म होगा
मूल्यांकन कैसे होगा।
कुछ भी नहीं बताती।
इसी बहाने जिंदगी
हमें जान लेती है।
हमें पहचान लेती है।
जिंदगी इम्तिहान लेती है।
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