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Tuesday, July 4, 2023

प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान

 प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान

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आज हम यहां प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान के बारे में बात करेंगे और जानेंगे कि इसका मतलब क्या है , इसका उद्देश्य क्या है , किन लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा , क्या लाभ मिल सकेगा और भी बहुत सी बातें करेंगे इसके बारे में लेकिन इसकी पूरी जानकारी लेने के पहले यह जानना बहुत आवश्यक है कि डिजिटल साक्षरता क्या है। किन लोगों को कहा जाएगा कि वो डिजिटल साक्षर हैं या नहीं हैं।

    ऐसे सभी लोगों को चाहे वो ग्रामीण क्षेत्र को हों या शहरी क्षेत्र के हों, जिन्हे कंप्यूटर, स्मार्ट फोन , टेबलेट जैसे उपकरणों  और उनके संचालन का ज्ञान नहीं है , जिन्हे इंटरनेट की उपयोगिता और उसके संचालन का ज्ञान नहीं है , जिसके कारण वे बहुत सी सरकारी और गैर सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं उन्हें कहा जाता है कि वो लोग डिजिटल साक्षर नही हैं। जिन लोगों को ये सब जानकारी है उन्हे डिजिटल साक्षर कहा जाता है।

       हमारे देश में अधिकांश ग्रामीण आबादी संसाधनों की कमी के कारण या किसी व्यक्तिगत या पारिवारिक समस्याओं के कारण डिजिटल रूप से साक्षर नहीं हो पाते। इस कारण वे बहुत सी सरकारी सेवाओं और योजनाओं को नही जान पाते है और उसका लाभ नहीं उठा पाते हैं। इंटरनेट की जानकारी ना होने के कारण वो और भी बहुत सी सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पाते जो ऑनलाइन उपलब्ध हैं। सन 2014 के एक सरकारी सर्वे से पता लगा कि केवल 6 प्रतिशत ग्रामीण आबादी ही डिजिटल रूप से साक्षर है।

         इसी को ध्यान में रखकर फरवरी 2017 में हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने एक योजना की शुरुआत की जिसे हम प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान के नाम से जानते हैं। ये प्रधानमंत्री जी की एक बहुत ही महात्वाकांक्षी योजना है। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र के उन लोगों को जो डिजिटल रूप से साक्षर नही हैं , मतलब जिन्हे कंप्यूटर , स्मार्ट फोन  , टेबलेट या इंटरनेट इन सब चीजों की जानकारी नहीं है उन्हे इन सब के बारे में एक निशुल्क प्रशिक्षण ( training ) देकर उन्हें डिजिटल साक्षर बनाया जाएगा जिससे वो लोग कंप्यूटर , स्मार्ट फोन और इंटरनेट का उपयोग करना सीख लें और ऑनलाइन सुविधाओं और सेवाओं का लाभ उठा सकें।

लाभ

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1. इस योजना से ग्रामीण जनता को डिजिटल उपकरणों जैसे कंप्यूटर , स्मार्ट फोन टेबलेट आदि के बारे में जानकारी दी जाएगी साथ ही साथ इन उपकरणों को किस प्रकार उपयोग करना है इस बात की जानकारी भी दी जाएगी।


2. इस प्रशिक्षण में इंटरनेट का संचालन , इंटरनेट की उपयोगिता की जानकारी भी दी जाएगी।


3. लोगों को ऑनलाइन और डिजिटल प्लेटफार्मों की जानकारी दी जाएगी जिससे वो internet के द्वारा अपने दैनिक जीवन में स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य सुविधाओं का लाभ उठा सकें।


4.इस प्रशिक्षण में उन्हें ऑनलाइन पैसा भेजना और बैंक से जुड़ी अन्य सुविधाओं का लाभ उठाना सिखाया जाएगा।


5. और भी बहुत सी सेवाओं , ऑनलाइन बुकिंग आदि की जानकारी भी दी जाएगी।

पात्रता 

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1. इस योजना का लाभ ग्रामीण क्षेत्र के उन परिवारों को मिलेगा जिनके परिवार में कोई भी सदस्य डिजिटल रूप से साक्षर नही है। मतलब परिवार के किसी भी सदस्य को कंप्यूटर , स्मार्ट फोन , टेबलेट , इंटरनेट  इन सब चीजों की जानकारी नहीं है।


2.. प्रत्येक परिवार के केवल एक सदस्य को ही प्रशिक्षित किया जाएगा। यहां परिवार का मतलब घर का मुखिया , उसकी पत्नी , उसके बच्चे और उसके माता पिता से है।


3. इस योजना के अंतर्गत कक्षा 9 से कक्षा 12 तक पढ़ने वाले छात्र जिनके विद्यालय में स्मार्ट क्लास या कंप्यूटर उपलब्ध नहीं है उन्हे भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।


4. आवेदक को भारत का निवासी होना चाहिए और उसकी उम्र 14 वर्ष से 60 वर्ष के बीच में होनी चाहिए।


5. वैसे तो यह योजना सभी के लिए है फिर भी अनुसूचित जाति , जन जाति , महिलाओं  और दिव्यांगो को तथा गरीबी रेखा के नीचे  ( BPL ) आने वाले परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।


6. परिवारों का चुनाव जिला प्रशासन , ग्राम पंचायत और ब्लॉक डेवलपमेंट के अधिकारी मिलकर करेंगे ताकि इस योजना का लाभ सिर्फ उन लोगों को मिल सके जो सही मायनो में इसके हकदार हैं।


पंजीकरण प्रक्रिया ( Registration ) प्रक्रिया और ट्रेनिंग 

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जो लोग इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं वो अपने नजदीकी CSC ( common service centre ) / जन सेवा केंद्र जाकर अपना पंजीकरण ( Registration) करवा सकते हैं। पंजीकरण होने के बाद उसी जन सेवा केंद्र से ही आपको प्रशिक्षण के बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी। अगर वही जनसेवा केंद्र जहां आपने पंजीकरण करवाया है ट्रेनिंग सेंटर के रूप में रजिस्टर्ड है तो  आपकी ट्रेनिंग वहीं हो जाएगी वरना किसी दूसरे नजदीकी प्रशिक्षण केंद्र में आपकी ट्रेनिंग हो जायेगी।

पूरा प्रशिक्षण कुल 20 घंटे का होता है जिसे 10 दिनों में पूरा करना होता है।

           प्रशिक्षण पूरा होने के बाद जिन लोगों ने भी प्रशिक्षण लिया है उन्हे एक ऑनलाइन परीक्षा देनी होती है। परीक्षा पास करने के बाद एक डिजिटल प्रमाण पत्र भी दिया जाता है जो उनके डिजिटल साक्षर होने का प्रमाण होता है।

           यह परीक्षा कोई बहुत कठिन परीक्षा नही होती है , बहुत ही सरल होती है और उसे पास करना बहुत ही आसान होता है। पूछे गए 25 प्रश्नों में अगर 7 प्रश्नों के उत्तर भी सही हैं तो उन्हें पास मान लिया जाता है। परीक्षा के लिए कहीं और नहीं जाना होता है , जहां प्रशिक्षण दिया जाता है परीक्षा भी वहीं हो जाती है।


पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज 

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1. आधार कार्ड    2. पहचान पत्र    3. पासपोर्ट साइज का फोटो  4. मोबाइल नंबर 



पंजीकरण से लेकर प्रशिक्षण ( training ) तक की पूरी प्रक्रिया के बारे में अगर किसी को यदि कोई दुविधा या शंका हो तो उसके लिए सरकार ने एक हेल्प डेस्क बनाया है जिस पर फोन करके या ईमेल करके अपनी दुविधा या शंका को दूर किया जा सकता है।

      फोन - 180030003468 

      मेल  - helpdesk@pmdisha.in 

तो फिर देर किस बात की है। जितनी भी जल्दी संभव हो सके अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र ( CSC ) जाकर अपना पंजीकरण कराइए और सरकार के इस महात्वाकांक्षी योजना का लाभ उठाइए। अपने देश को डिजिटल इंडिया बनने में अपना सहयोग दीजिए।

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