दूर गगन की छांव मे।
चलो किसी भी गांव मे।
खेतों मे हम चल कर देखें
पनही ना हो पांव में।
दूर गगन ..........
पेड़ों की हरियाली हो।
पवन खूब मतवाली हो।
गांव के बाहर नदी बहे
बैठें लकड़ी की नाव मे
दूर गगन ........
ग्राम्य माहौल मे जीना हो।
तन पर जरा पसीना हो।
सुख सुविधा से दूर रहें
हम बैठे ठाँव-कुठाँव मे।
दूर गगन ..........
गाव के हम चौपाल मे बैठें।
शौक पुराना पाल के बैठें।
हार जीत की बाजी हो
सब दुख हारें हम दांव मे।
दूर गगन ........

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