ये मत सोचो क्या लिखना है
दिल की तुम हर बात लिखो ।
जीवन एक शतरंज बना है
उसका शह और मात लिखो।
आँख बन्द कर मन से देखो
कैसा चित्र उभरता उसमे
उन चित्रों मे छुपे हुए जो
सारे झंझावात लिखो ।
घोर निराशा के बादल से
बाहर जरा निकल कर देखो
जीवन को वरदान समझ तुम
जीवन की सौगात लिखो ।
जीवन पथ पर याद रखो तुम
सुख और दुख दोनो ही मिलेंगे
रात बीत जाने पर देखो
होता है प्रभात लिखो।
दिल की तुम हर बात लिखो।

Inspiring poem
ReplyDeleteNice
ReplyDeleteVery nice poem
ReplyDelete