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Friday, September 18, 2020

दिल की तुम हर बात लिखो


ये मत सोचो क्या लिखना है 
दिल की तुम हर बात लिखो ।
जीवन एक शतरंज बना है
उसका शह और मात लिखो।

आँख बन्द कर मन से देखो 
कैसा चित्र उभरता उसमे 
उन चित्रों मे छुपे हुए जो
सारे झंझावात लिखो ।

घोर निराशा के बादल से 
बाहर जरा निकल कर देखो
जीवन को वरदान समझ तुम
जीवन की सौगात लिखो ।

जीवन पथ पर याद रखो तुम
सुख और दुख दोनो ही मिलेंगे
रात बीत जाने पर देखो 
होता है प्रभात लिखो।
दिल की तुम हर बात लिखो।

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