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Friday, September 22, 2023

बस वही कहना शेष है। 7

संभव जो भी था कहना 

वो है सब कह दिया।

जो नही कह सका

बस वही कहना शेष है।


अश्क जो भी आंखों से

बह सके वो बह गए।

जो नही बह सके

बस उन्हें बहना शेष है।


दर्द जो भी सह सके 

वो सब हैं सह गए।

जो नही सह सके

बस उन्हें सहना शेष है।


दिलों के बीच जो भी थे

सब दीवार ढह गए।

जो हैं रह गए अब तक

बस उन्हें ढहना शेष है।

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