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Tuesday, March 1, 2022

मुस्कुराने की कोई वजह ढूंढिए

           


इस तरह ढूंढिए उस तरह ढूंढिए 

जिस तरह हो सके उस तरह ढूंढिए। 

जिन्दगी मे अगर कोई गम हो तो भी

मुस्कुराने की कोई वजह ढूंढिए।


आज गम है अगर कल खुशी आयेगी।

जिन्दगी फिर दुवाओं से खिल जायेगी।

चाहिये एक बहाना खुशी के लिये

वजह ना भी हो तो बेवजह ढूंढिए।


गम मिले हैं तो भी गम की क्या बात है।

वो हमारा खुदा भी अगर साथ है।

हम तो इन्सान हैं भूल है लाजमी 

सोचिये और अपनी खता ढूंढिए।


हर तरफ भीड़ है हर तरफ शोर है।

ये है दुनिया नयी ये नया दौर है।

इस बदलते हुए रंग मे ढंग मे

बस शुकूं से भरी एक जगह ढूंढिए।

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