खुद को ना तुम भरमाओ।
मेरे शब्दों की यात्रा मे
तुम भी शामिल हो जाओ।
शब्द मेरे बस शब्द नही
प्रतिबिंब हैं मेरे मन का
शब्दों से जो भी अर्थ मिले
वो सार मेरे जीवन का।
जिस राह पे मेरे शब्द चलें
तुम फूलों सा खिल जाओ।
मेरे शब्दों की यात्रा मे
तुम भी शामिल हो जाओ।
शब्दों मे ही है धुँध भरा
शब्दों मे भरा उजाला है।
शब्दों से ही है प्रेम घृणा
शब्दों का खेल निराला है।
जिन शब्दों मे हैं धुँध भरे
तुम उसमे ना खो जाओ।
मेरे शब्दों की यात्रा मे
तुम भी शामिल हो जाओ।
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